बलात्कार के झूठे मुकदमे से तीन करोड़ की रंगदारी मांगने वाला हनीट्रैप गिरोह की महिला समेत दो गिरफ्तार

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Main Accused Who Swindled ₹11.54 Lakh Using Fake Land Leases Arrested
Main Accused Who Swindled ₹11.54 Lakh Using Fake Land Leases Arrested

जयपुर। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के दक्षिण जिले की पुलिस ने हनीट्रैप और झूठे मुकदमों के जरिए लोगों को ब्लैकमेल करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक महिला सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर बलात्कार का झूठा मुकदमा दर्ज करवाने की धमकी देकर परिवादी और उसके परिवार से 3 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने का आरोप है। गिरोह ने पीड़ित का आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे बंधक बनाया और ब्लैकमेलिंग का खेल चला रखा था।

पुलिस उपायुक्त (जयपुर दक्षिण) राजर्षि राज ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में रवि कुमार टांक (25) निवासी मदनबाड़ी, हरमाड़ा तथा एक महिला शामिल है। जांच में सामने आया कि रवि टांक ने महिला को नया मकान और रोजगार दिलाने का झांसा देकर अपने साथ मिला लिया। इसके बाद दोनों ने अन्य साथियों के साथ मिलकर हनीट्रैप की साजिश रची।

पुलिस के अनुसार आरोपी महिला ने योजनाबद्ध तरीके से परिवादी को अपने जाल में फंसाया। इसके बाद गिरोह ने दोनों का आपत्तिजनक वीडियो तैयार कर लिया। वीडियो के आधार पर परिवादी को बदनाम करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया गया।

आरोपियों ने पहले परिवादी के परिवार से 3 करोड़ रुपए की मांग की। बाद में पीड़ित को सुनसान स्थान पर ले जाकर बंधक बनाया गया और उससे परिजनों को फोन कर तत्काल 2 लाख रुपए मंगवाए गए। जब परिवादी ने रकम देने से इनकार किया तो दबाव बनाने के लिए उसके खिलाफ बलात्कार का झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया गया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी रवि टांक के खिलाफ पहले भी हरमाड़ा थाने में आपराधिक मामला दर्ज है। इस प्रकरण में शामिल गिरोह के अन्य सदस्य दिलखुश उर्फ विलेन और अर्जुन हरिजन फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

डीसीपी राजर्षि राज ने बताया कि जयपुर दक्षिण जिले में 1 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच जांच में 654 मामले झूठे पाए गए हैं। इनमें से 86 मामलों में झूठी एफआईआर दर्ज कराने वाले परिवादियों के खिलाफ धारा 217/248 बीएनएस के तहत न्यायालय में इस्तगासे पेश किए जा चुके हैं, जबकि अन्य मामलों में कानूनी कार्रवाई प्रक्रिया में है।

उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2025 से 30 मई 2026 तक दर्ज 1133 महिला अपराध संबंधी मामलों की भी गहन जांच और स्क्रूटनी की जा रही है, ताकि झूठे मामलों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

हनीट्रैप गिरोह का पर्दाफाश करने वाली टीम में सांगानेर सदर थाना के सहायक उपनिरीक्षक प्रेमचंद, कांस्टेबल प्रेमकुमार, हनुमान, साइबर सेल जयपुर दक्षिण के हेड कांस्टेबल लोकेश कुमार, तथा चाकसू एसीपी कार्यालय के हेड कांस्टेबल मनोज कुमार, जितेंद्र, राजेश कुमार और कांस्टेबल विजेंद्र शामिल रहे।

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