जयपुर। सांगानेर थाना पुलिस ने एक युवक का अपहरण कर एक करोड़ रुपए की भारी-भरकम फिरौती मांगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो बदमाशों को दबोचा है। वही इस कार्रवाई में दो आरोपी स्कॉर्पियों छोड़कर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने स्कॉर्पियों जब्त कर फरार दोनो अपहरणकर्ताओं की तलाश शुरु कर दी है।
डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रियकांत मीणा उर्फ गोलू (21) निवासी सदर (दौसा) और जसमीत सिंह बग्गा (25) निवासी कोतवाली (सवाई माधोपुर) के रूप में हुई है। वहीं इस मामले में शामिल दो अन्य मुख्य आरोपी दिलखुश मीणा और आशीष उर्फ बंटी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व ने बताया कि पीड़ित युवक ने सांगानेर थाने में 13 मई को शिकायत दर्ज करवाई थी कि 13 मई की शाम वह अपने दोस्त से मिलने मालवीय नगर जा रहा था। जब मैं प्रभुदयाल मार्ग पर पहुंचा। तभी पीछे से एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो आकर रुकी।
गाड़ी से 4-5 लड़के नीचे उतरे, उन्होंने आते ही मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी और जबरन खींचकर स्कॉर्पियो के अंदर डाल दिया। गाड़ी में बैठते ही उन्होंने पीड़ित कि आंखों पर पट्टी बांध दी ताकि वो रास्ता न देख सके। गाड़ी के भीतर बदमाशों ने उसका फोन छीन लिया और फिरौती के लिए दबाव बनाने लगे। एक बदमाश ने चिल्लाकर कहा, इसका फोन दूसरी गाड़ी में दे दो, वहां चेक कर लेंगे।” इसके बाद उन्होंने एक करोड़ रुपए की डिमांड की। जब युवक ने मना किया तो बदमाशों ने बेल्ट से उसकी बेरहमी से पिटाई की। तभी दूसरे बदमाश ने 50 लाख रुपए का इंतजाम करने को कहा और पैसे नहीं मंगवाने पर बंदूक जान से मारने की धमकी दी।
बदमाश युवक को बंधक बनाकर शहर से बाहर ले जाने की फिराक में थे, लेकिन इसी बीच पुलिस की गश्ती गाड़ी (चेतक) को पीछे आता देख किडनैपर्स के होश उड़ गए। पुलिस को पीछे देखकर बदमाश घबरा गए। पकड़े जाने के डर से बदमाश युवक को चोटिल हालत में स्कॉर्पियो सहित सड़क पर ही छोड़कर गलियों के रास्ते फरार हो गए।
पुलिस ने मामला दर्ज होने के महज कुछ ही दिनों के भीतर तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से दो आरोपियों को दबोच लिया। फिलहाल पुलिस आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गैंग ने पहले भी ऐसी कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।



















