गोविंद देवजी मंदिर में परशुराम जन्मोत्सव पर पंच कुंडीय यज्ञ में अर्पित की 1008 आहुतियां

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जयपुर। भगवान परशुराम का जन्मोत्सव रविवार को भक्ति भाव से मनाया गया। मुख्य आयोजन श्री गोविन्द देवजी मंदिर में रविवार को भगवान परशुराम जयंती श्रद्धा, उत्साह और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ धूमधाम से मनाई गई।

प्रातःकाल मंगला झांकी के दर्शन के बाद मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में ठाकुर श्रीजी का वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधिवत पंचामृत अभिषेक किया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण व्याप्त रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
अभिषेक के बाद ठाकुर श्रीजी को केसरिया रंग की विशेष पोशाक धारण कराई गई तथा आकर्षक आभूषणों से भव्य श्रृंगार किया गया। इसके साथ ही ठाकुर श्रीजी को लड्डू का विशेष भोग अर्पित किया गया।

पूरे आयोजन के दौरान भक्तों ने भगवान परशुराम के जयकारों के साथ भक्ति भाव से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान परशुराम से धर्म, साहस और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा लेने का संकल्प लिया। इस अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में श्री परशुराम गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी की गायत्री कचोलिया , गायत्री तोमर, डॉ अजय भारद्वाज ने विधि विधान से यज्ञ कराया ।

पांच पारियों में 300 से अधिक श्रद्धालुओं ने 1008 आहुतियां अर्पित की। इस अवसर पर डॉ अजय भारद्वाज ने कहा कि भगवान परशुराम जी ने हमें प्रेरणा दी कि हम एक हाथ में माला और दूसरे हाथ में भाला रखे। अर्थात हमारे व्यक्तित्व में ब्राह्मण और क्षत्रिय दोनों के गुण होने चाहिए ताकि हम अनाचार और अत्याचार का डटकर मुकाबला कर सकें। उन्होंने कहा कि आज का समय शस्त्र और शास्त्र दोनों को धारण करने का है।

इस मौके पर तीन विवाह दिवस दो जन्म दिन और पुंसवन संस्कार भारतीय संस्कृति के अनुसार देव पूजन कर मनाए गए। कार्यक्रम के दौरान ब्राह्मण समाज के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने भगवान परशुराम जी की प्रतिमा का पूजन कर महाआरती की। राजस्थान ब्राह्मण महासभा जयपुर महानगर के अध्यक्ष मोहन लाल शर्मा, महामंत्री शिव कुमार भारद्वाज सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

विप्र महासंघ सेवा समिति के तत्वावधान में निर्माण नगर स्थित श्री सिद्धेश्वर गणेश शिव हनुमान मंदिर में भगवान परशुराम जन्मोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सुबह से दोपहर तक पूजा-अर्चना, अतिथियों का सम्मान और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए, जिसमें ब्राह्मण समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

इसके अतिरिक्त विद्याधर नगर स्थित परशुराम सर्किल पर शाम को भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। सैकड़ों दीपकों की रोशनी में आयोजित इस महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान परशुराम की आराधना की। इस अवसर पर भगवान को छप्पन भोग अर्पित किए गए और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की गई।

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