जयपुर। कांग्रेस ने राजस्थान से राज्यसभा की एक सीट के लिए सांसद नीरज डांगी को लगातार दूसरी बार उम्मीदवार घोषित किया है। प्रदेश में कांग्रेस के मौजूदा संख्या बल को देखते हुए उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। विधानसभा में कांग्रेस के 67 विधायक हैं और इसी आधार पर पार्टी एक सीट जीतने की स्थिति में है।
कांग्रेस द्वारा नीरज डांगी को दोबारा उम्मीदवार बनाए जाने को पार्टी के परंपरागत दलित वोट बैंक को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। इसके साथ ही इस निर्णय को कांग्रेस के आंतरिक राजनीतिक समीकरणों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार नीरज डांगी पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाते हैं। राज्यसभा सांसद बनने के बाद उनकी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी निकटता बढ़ी है। बताया जा रहा है कि खड़गे की पैरवी के चलते ही डांगी को लगातार दूसरी बार राज्यसभा भेजने का फैसला लिया गया।
नीरज डांगी ने राजनीति की शुरुआत यूथ कांग्रेस से की थी और संगठन में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभाई है। हालांकि चुनावी राजनीति में उन्हें सफलता नहीं मिली। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर सिरोही जिले की रेवदर विधानसभा सीट से वर्ष 2003, 2008 और 2018 में चुनाव लड़ा, लेकिन तीनों बार हार का सामना करना पड़ा।
इसके बावजूद कांग्रेस नेतृत्व ने वर्ष 2020 में उन्हें राज्यसभा भेजा था और अब एक बार फिर उन पर भरोसा जताया गया है।
नीरज डांगी राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता दिनेश राय डांगी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं। वे विधायक और मंत्री पद पर भी रह चुके हैं। प्रदेश की राजनीति में डांगी परिवार का प्रभाव लंबे समय से माना जाता है।
राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों पर इस बार निर्विरोध निर्वाचन की संभावना भी बन रही है। वर्तमान राजनीतिक गणित के अनुसार दो सीटों पर भारतीय जनता पार्टी और एक सीट पर कांग्रेस की जीत के समीकरण हैं। ऐसे में भाजपा तीसरा उम्मीदवार और कांग्रेस दूसरा उम्मीदवार नहीं उतार सकती है।
यदि दोनों दल अपने-अपने संख्या बल के अनुरूप ही उम्मीदवार मैदान में रखते हैं तो 11 जून को नाम वापसी की अंतिम तिथि के दिन ही तीनों सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन तय हो जाएगा।
राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को मतदान प्रस्तावित है और उसी दिन मतगणना एवं परिणाम भी घोषित किए जाएंगे। इन सीटों पर केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, भाजपा सांसद राजेंद्र गहलोत और कांग्रेस सांसद नीरज डांगी का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है, जिसके कारण ये सीटें रिक्त हो रही हैं।



















