जयपुर। जयपुर पूर्व जिला पुलिस की ओर से वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कानोता थाना पुलिस ने वर्ष 2015 के एक बहुचर्चित हत्या (मर्डर) के मामले में पिछले 5 साल से लगातार फरार चल रहे और माननीय न्यायालय द्वारा घोषित स्थाई वारंटी को गिरफ्तार किया है। शातिर आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था और उसने मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना भी पूरी तरह बंद कर दिया था।
पुलिस उपायुक्त (जयपुर पूर्व) रंजीता शर्मा ने बताया कि 9 मई 2015 को परिवादी कालूराम जोगी निवासी हरध्यानपुरा (थाना कानोता) ने एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जहां जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने आरोपित दिलखुश जोगी को गिरफ्तार कर लिया था और एक अन्य विधि से संघर्षरत बालक को निरुद्ध कर न्यायालय में चार्जशीट पेश कर दी थी। लेकिन कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपी दिलखुश जोगी जमानत मिलने के बाद नियत तारीखों पर पेशी से लगातार अनुपस्थित होने लगा।
इस पर विशिष्ट न्यायालय (अजा/जजा अत्याचार निवारण प्रकरण, जयपुर महानगर प्रथम) ने उसके खिलाफ स्थाई वारंट जारी कर दिया। जिस पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (जयपुर पूर्व) आलोक सिंघल के निर्देशन और सहायक पुलिस आयुक्त (बस्सी) लक्ष्मी सुथार के नेतृत्व में कानोता थानाधिकारी मुनीन्द्र सिंह की एक विशेष टीम का गठन किया गया। जहां पुलिस टीम ने बेहद सूझबूझ दिखाते हुए अपनी पहचान छिपाई और वेश बदलकर आरोपी के दोस्तों व रिश्तेदारों से गुप्त जानकारियां जुटाईं।
पुख्ता सूचना मिलने पर टीम ने दबिश देकर स्थाई वारंटी दिलखुश जोगी निवासी हरध्यानपुरा कानोता को चाकसू से दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया। इस बेहद जटिल और पुराने मामले के आरोपी को पकड़ने में कानोता थानाधिकारी मुनीन्द्र सिंह, कांस्टेबल प्रकाश , अनु कुमार और मंतराम की विशेष और सराहनीय भूमिका रही।



















