जयपुर। राजस्थान जैन युवा महासभा जयपुर के तत्वावधान में मध्यप्रदेश के दमोह स्थित सुप्रसिद्ध सिद्ध क्षेत्र कुण्डलपुर की तीन दिवसीय धार्मिक यात्रा पर गया दल रविवार को सकुशल जयपुर लौट आया। जयपुर पहुंचने पर समाज बंधुओं ने जयकारों के साथ यात्रा दल का गर्मजोशी से भव्य स्वागत किया।
इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने पाषाण से निर्मित एशिया के प्रथम सबसे ऊंचे जिनालय में बड़े बाबा के दर्शन कर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। राजस्थान जैन युवा महासभा के प्रदेश महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि कुण्डलपुर में कुण्डलाकार पर्वत पर स्थापित यह जिनालय 189 फीट ऊंचे पाषाण निर्मित शिखर वाला एशिया महाद्वीप का प्रथम मंदिर है। यह पवित्र स्थल अंतिम श्रीधर केवली की निर्वाण स्थली भी है और इस पर्वत पर 63 गगनचुम्बी जिनालय स्थापित हैं।
यात्रा दल के मुख्य संयोजक व युवा समाजसेवी मनोज सोगानी (पहाड़ी वाले) ने बताया कि शनिवार सुबह दमोह रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद दल सीधे कुण्डलपुर बड़े बाबा के दरबार में पहुंचा। यहां श्रद्धालुओं ने शुद्ध केसरिया वस्त्र धारण कर मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश किया।
इसके बाद मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच बड़े बाबा आदिनाथ भगवान की अतिशयकारी प्राचीन पद्मासन प्रतिमा का जलाभिषेक किया गया। जलाभिषेक के पश्चात श्रावकों ने विश्व में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्यता की कामना के साथ पावन शांतिधारा की। इसके बाद जयपुर से गए इस विशेष दल ने जयकारों की गूंज के बीच बड़े बाबा को चांदी का छत्र समर्पित किया।



















