राज्यभर में कर्मचारी करेंगे रोजाना एक घंटे का कार्य बहिष्कार

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Employees across the state will observe a daily one-hour work boycott.
Employees across the state will observe a daily one-hour work boycott.

जयपुर। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के आह्वान पर राज्य कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। महासंघ ने सरकार पर कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए 25 मई सोमवार से प्रदेशभर में सात दिनों तक प्रतिदिन एक घंटे के सांकेतिक कार्य बहिष्कार की घोषणा की है।

महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ तथा प्रदेश पदाधिकारी अजयवीर सिंह, शेर सिंह यादव और सर्वेश्वर शर्मा ने संयुक्त बयान में बताया कि 20 मई को प्रदेशभर में जिला कलक्टरों और कार्यालय प्रमुखों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम शांतिपूर्ण ज्ञापन सौंपे गए थे, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई।

इसी के विरोध में प्रदेश के सभी सरकारी विभागों और कार्यालयों में 25 मई 2026 से आगामी सात दिनों तक प्रतिदिन दोपहर 12:30 बजे से 1:30 बजे तक सामूहिक और सांकेतिक कार्य बहिष्कार किया जाएगा। महासंघ का दावा है कि इस दौरान प्रदेशभर में शासकीय कार्य प्रभावित रहेंगे।

महासंघ ने आरजीएचएस योजना को निजी बीमा कंपनी को सौंपने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए इसे पूर्व की तरह सरकारी स्तर पर संचालित रखने की मांग की है। इसके अलावा रोके गए समर्पित अवकाश (सरेंडर लीव) के नगद भुगतान को तुरंत बहाल करने, पदोन्नति में दो वर्ष की शिथिलता देने तथा संविदा और ठेका कर्मियों को कार्मिक विभाग के अधीन गठित संस्था के माध्यम से नियमित करने सहित 25 सूत्रीय मांग पत्र पर शीघ्र निर्णय की मांग उठाई गई है।

महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिवसीय सांकेतिक कार्य बहिष्कार के बाद भी सरकार ने वार्ता कर समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन के अगले चरण में पूरे राजस्थान में व्यापक स्तर पर ‘कर्मचारी जागृति यात्रा’ निकाली जाएगी। महासंघ ने कहा कि इसके लिए शासन और प्रशासन जिम्मेदार होंगे।

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