जयपुर। राष्ट्र निर्माण और समाज उत्थान में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा महिला संगठन को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आगामी 7 जून को एक दिवसीय ‘नारी जागरण सम्मेलन’ का आयोजन किया जाएगा। अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में होने वाला यह सम्मेलन ब्रह्मपुरी स्थित गायत्री शक्तिपीठ में सुबह 9 बजे से अपराह्न 4 बजे तक आयोजित होगा। इस आयोजन की तैयारियों को लेकर शक्तिपीठ में गायत्री परिवार के प्रमुख पदाधिकारियों की एक विशेष बैठक भी संपन्न हुई।
गायत्री परिवार राजस्थान की सह-समन्वयक गायत्री कचोलिया ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस एक दिवसीय सम्मेलन को दो मुख्य सत्रों में विभाजित किया गया है। प्रथम सत्र में प्रबुद्ध वक्ताओं द्वारा महिला जागृति अभियान, संगठन विस्तार, संस्कार संवर्धन तथा सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रेरक उद्बोधन दिए जाएंगे। इसके साथ ही संगीतमय प्रस्तुतियों के माध्यम से नारी शक्ति के महत्व और उनकी रचनात्मक भूमिका को रेखांकित किया जाएगा।
वहीं द्वितीय सत्र के अंतर्गत उपस्थित महिलाओं को विभिन्न समूहों में विभाजित किया जाएगा। समूह चर्चा के दौरान संगठनात्मक गतिविधियों, वर्तमान सामाजिक चुनौतियों तथा भावी कार्ययोजनाओं पर जमीनी स्तर पर मंथन किया जाएगा ताकि आगामी कार्यक्रमों की ठोस रूपरेखा तैयार की जा सके।
गायत्री परिवार राजस्थान के मुख्य ट्रस्टी ओमप्रकाश अग्रवाल ने सम्मेलन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नारी केवल परिवार की धुरी ही नहीं, बल्कि संस्कार, शिक्षा, सामाजिक चेतना और नैतिक मूल्यों की संवाहक भी है। परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्तमान समय में महिलाओं के जागरण, संगठन और नेतृत्व क्षमता के विकास के लिए ऐसे सम्मेलन समय की मांग हैं।
उन्होंने आगे जोड़ा कि इस सम्मेलन के माध्यम से मातृशक्ति को समाजोत्थान, पारिवारिक समरसता, युवा पीढ़ी के मार्गदर्शन और राष्ट्र निर्माण के विभिन्न आयामों से अवगत कराया जाएगा। साथ ही, संगठन को अधिक सक्रिय व प्रभावशाली बनाने के लिए बहनों से सुझाव भी आमंत्रित किए जाएंगे, क्योंकि एक संगठित और जागृत नारी शक्ति ही समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। इस सम्मेलन में जयपुर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाओं (मातृशक्ति) के शामिल होने की संभावना है।



















