बिचून में बनेगा माटी कला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: कलाकारों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण और रोजगार

0
47

जयपुर । प्रदेश में पारंपरिक माटी कला को नई पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की घोषणाओं के तहत जयपुर के बिचून औद्योगिक क्षेत्र में माटी कला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। इस सेंटर के माध्यम से माटी कलाकारों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण, बेहतर संसाधन और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

श्रीयादे माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद राय टाक ने बताया कि पिछले दो वर्षों में बोर्ड को पिछले दस वर्षों की तुलना में अधिक बजट मिला है, जिससे माटी कला क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित हुई हैं। उन्होंने कहा कि राज्यभर के माटी कलाकारों और कामगारों के आर्टिजन कार्ड बनाए जाएंगे तथा इसके लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि बजट वर्ष 2026-27 के तहत 5 हजार विद्युत चालित चाक और मिट्टी गूंथने की मशीनों का वितरण किया जाएगा, जिससे उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही इस वर्ष 100 माटी कला प्रशिक्षकों को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। कलाकारों को राज्य के बाहर विशेष प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। गत वर्ष 25 कलाकारों को उत्तर प्रदेश के खुर्जा में प्रशिक्षण दिया गया था।

प्रहलाद राय टाक ने प्रजापत-कुम्हार समाज की आराध्या श्रीयादे माता का पैनोरमा बनाए जाने की घोषणा पर मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि इससे समाज में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उन्होंने बताया कि माटी कलाकारों के बच्चों को छात्रवृत्ति और स्कूटी योजना से जोड़ने के लिए भी सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

बोर्ड अध्यक्ष प्रहलाद राय टाक और उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त नीलाभ सक्सेना ने उद्योग भवन परिसर में परिण्डे लगाकर आमजन से भी गर्मी में पक्षियों के लिए परिण्डे लगाने की अपील की। वहीं ‘माटी राजस्थान री’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया, जिसमें बोर्ड के पिछले दो वर्षों के कार्यों और योजनाओं का विवरण शामिल है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here