जयपुर। केंद्र सरकार ने कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के वितरण पर लगी पाबंदी हटा दी है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी आदेश के बाद होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग व्यवसाय और शादी समारोहों के लिए अब जरूरत के अनुसार कॉमर्शियल सिलेंडर आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। सरकार के इस फैसले से बाजार में कॉमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति को लेकर बनी दिक्कतों के दूर होने की उम्मीद है।
मंत्रालय के आदेश के अनुसार कॉमर्शियल एलपीजी
सिलेंडरों की आपूर्ति पर पूर्व में लागू प्रतिबंध समाप्त कर वितरण व्यवस्था को सामान्य कर दिया गया है। इससे होटल उद्योग, पर्यटन क्षेत्र, फूड प्रोसेसिंग इकाइयों तथा बड़े आयोजनों को राहत मिलेगी। हालांकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए नए एलपीजी कनेक्शन पर लगी रोक फिलहाल जारी रहेगी। सरकार ने इस संबंध में किसी प्रकार की छूट नहीं दी है।
शादी समारोहों के लिए खत्म हुई अनुमति की बाध्यता
अब तक शादी समारोहों के लिए कॉमर्शियल सिलेंडर प्राप्त करने हेतु संबंधित परिवारों को जिला रसद अधिकारी के कार्यालय में आवेदन करना पड़ता था। आवेदन के साथ विवाह का निमंत्रण पत्र प्रस्तुत करने के बाद ही सीमित संख्या में सिलेंडर जारी किए जाते थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी और उपभोक्ताओं को सीधे गैस एजेंसियों के माध्यम से आपूर्ति मिल सकेगी। राजस्थान में वर्तमान में 19 किलोग्राम का कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर करीब 3141 रुपए में उपलब्ध है।
ऑयल कंपनियों को दिए गए विशेष निर्देश
केंद्रीय मंत्रालय ने इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम सहित सभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं का डेटा व्यवस्थित रूप से संधारित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिन वाणिज्यिक अथवा बल्क उपभोक्ताओं ने पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) को अपनाया है, उन्हें पीएनजी व्यवस्था पर ही बनाए रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
अप्रैल में राज्य सरकार ने दी थी सीमित राहत
गौरतलब है कि अप्रैल माह में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने गैस कंपनियों को निर्देश दिए थे कि शादी वाले परिवारों को शहरी क्षेत्रों में तीन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 19 किलो के दो व्यावसायिक सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं। इसके लिए जिला रसद अधिकारी को आवेदन और विवाह कार्ड प्रस्तुत करना अनिवार्य था।
मार्च में बढ़ाया गया था कोटा
इससे पहले केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 23 मार्च से राज्यों के लिए कॉमर्शियल एलपीजी का आवंटन बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया था। अमेरिका-ईरान तनाव और संभावित ईंधन संकट के मद्देनजर पहले केवल 30 प्रतिशत कोटा ही उपलब्ध कराया जा रहा था। कोटा बढ़ने से पर्यटन, होटल और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र को आंशिक राहत मिली थी।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व गैस कंपनियों ने पांच
किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर कनेक्शन की कीमत में 11 रुपए तथा रिफिल की कीमत में 26 रुपए की वृद्धि की थी, जिससे छोटे उपभोक्ताओं और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ा था।
सरकार के ताजा निर्णय को होटल-रेस्टोरेंट उद्योग, कैटरिंग व्यवसाय और शादी समारोहों के आयोजकों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। इससे आगामी विवाह सीजन और अन्य बड़े आयोजनों में गैस आपूर्ति की समस्या काफी हद तक समाप्त होने की संभावना है।

















