जयपुर। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के आह्वान पर कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर सात दिवसीय एक घंटे का कार्य बहिष्कार सोमवार से शुरू हो गया। आंदोलन के प्रथम दिन विभिन्न सरकारी विभागों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाकर कर्मचारियों से संवाद किया गया तथा आगामी आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया गया।
महासंघ पदाधिकारियों ने पेंशन निदेशालय, पशुपालन विभाग, एसएमएस मेडिकल कॉलेज, पुरातत्व विभाग, रोजगार कार्यालय एवं वन विभाग सहित कई कार्यालयों में कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और मांगों पर चर्चा की। इस दौरान कर्मचारियों को आंदोलन की रूपरेखा से अवगत कराते हुए सात दिवसीय कार्य बहिष्कार में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की गई।
महासंघ प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों के समाधान एवं कर्मचारी हितों की रक्षा को लेकर यह आंदोलन चलाया जा रहा है, जो अब निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस अवसर पर गजेन्द्र सिंह राठौड़, ओम प्रकाश चौधरी, देवेन्द्र सिंह नरुका, प्रभु सिंह रावत, अजयवीर सिंह सहित अन्य कर्मचारी नेता मौजूद रहे। सभी ने कर्मचारियों से एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत बनाने की अपील की। महासंघ ने कर्मचारियों से 25 मई से प्रस्तावित कार्यालय बहिष्कार को भी सफल बनाने का आह्वान किया था।



















