श्री नहर के गणेशजी मंदिर में सजा भव्य फूल बंगला: भजन संध्या में बही भक्ति की सरिता

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जयपुर। ब्रह्मपुरी माउंट रोड स्थित नगर के अति प्राचीन सिद्धि प्रदाता दाहिनी सूंड दक्षिण मुखी श्री नहर के गणेश जी महाराज मंदिर में बुधवार को विशाल फूलबंगला महोत्सव एवं भजन संध्या का भव्य आयोजन किया गया। मंदिर परिसर में दिनभर धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

मंदिर के युवाचार्य पंडित मानव शर्मा ने बताया कि यह आयोजन मंदिर महंत पंडित जय शर्मा के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के तहत प्रातःकाल भगवान गणपति की विधिवत पूजा-अर्चना की गई तथा उन्हें नवीन पोशाक और रजत मुकुट धारण कराया गया। इसके पश्चात मोगरा, रजनीगंधा, गुलाब, हजारा, नवरंगा, आसापाला सहित विभिन्न प्रकार के विदेशी पुष्पों से भगवान गणेश का आकर्षक श्रृंगार कर मनमोहक फूल बंगला झांकी सजाई गई।

सायंकाल 5 बजे आयोजित फूलबंगला झांकी और आरती में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर गणपति बप्पा का आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से आरती में सहभागिता निभाई और पूरे मंदिर परिसर में धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा।
आरती के बाद मंदिर परिसर के जगमोहन में विशाल भजन संध्या का आयोजन हुआ।

कार्यक्रम में देश और प्रदेश के ख्यातनाम शास्त्रीय, उपशास्त्रीय एवं सुगम संगीत कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। प्रमुख कलाकारों में सरस्वती देवी एवं उनकी बहन, पारिक बंधु, आकांक्षा राव, गोपाल सिंह राठौड़, गोपाल खींची, सांवरा जी कथक, खुशी, भावना, हेमराज, रतनलाल, वाहिद खान पिंटू, बुंदु खान और मुकेश मीणा शामिल रहे।

वाद्य संगीत में अंबालाल (सेक्सोफोन), संजीव शर्मा (वायलिन), किशन कथक (सितार), दिनेश खींची, दिलशाद खान, सद्दाम खान और विजय बारेठ (तबला) ने अपनी प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। मंच संचालन राजेश आचार्य एवं आर.डी. अग्रवाल ने किया।

इस अवसर पर मंदिर परिवार की ओर से सभी आमंत्रित कलाकारों का सम्मान किया गया। साथ ही वेद स्वाध्याय पीठ, ब्रह्मपुरी के आचार्य पंडित योगेश पारिक एवं पंडित महेश शर्मा सहित पीठ के करीब 500 बालक-बालिका शिष्यों का स्वागत एवं सम्मान कर प्रसादी वितरण किया गया।

धार्मिक आस्था, संगीत और संस्कृति के अद्भुत संगम बने इस आयोजन में श्रद्धालुओं ने देर रात तक भजनों का आनंद लिया और गणपति बप्पा के जयकारों से मंदिर परिसर गुंजायमान रहा।

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