जयपुर। गंगा दशमी के पावन अवसर पर कनक घाटी स्थित राधा माधव मंदिर में आयोजित सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार समारोह में 20 ब्राह्मण बटुकों का जनेऊ संस्कार वैदिक रीति-रिवाज और अभिजीत मुहूर्त में संपन्न हुआ। वहीं कार्यक्रम गोविंद देव मंदिर के महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य एवं आशीर्वाद में आयोजित किया गया।
समारोह में हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। राज्यपाल ने भगवान की पूजा-अर्चना कर ब्राह्मण बटुकों को यज्ञोपवीत धारण कराया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुए इस आयोजन में संत-महंतों ने यज्ञोपवीत संस्कार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे सनातन परंपरा और संस्कारों का आधार बताया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से ब्राह्मण समाज की गौरवशाली परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य हो रहा है।
इस कार्यक्रम में सरस निकुंज के शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज, प्रवीण बड़े भैया, सुदर्शनाचार्य महाराज, पंचमुखी हनुमान मंदिर के महंत रामरजदास महाराज, परकोटा गणेश मंदिर के महंत अमित शर्मा एवं धर्म प्रचारक विजय शंकर पांडेय सहित अनेक संत-महंत मौजूद रहे।
वेदाचार्य डॉ. प्रशांत शर्मा ने 11 पंडितों के साथ वैदिक विधि-विधान से संस्कार संपन्न करवाया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर श्रद्धा, भक्ति और वैदिक मंत्रों की स्वर लहरियों से गुंजायमान रहा।



















