मृत संविदा नर्स दीपक के परिवार को नर्सेज ने दी 2.51 लाख की सहायता

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Nurses provide ₹2.51 lakh in financial aid to the family of deceased contractual nurse Deepak.
Nurses provide ₹2.51 lakh in financial aid to the family of deceased contractual nurse Deepak.

जयपुर। संविदा नर्स दीपक की मौत के बाद उसके आश्रित परिवार को राहत दिलाने और हटाए गए संविदा नर्सेज की पुनर्बहाली की मांग को लेकर एसएमएस मेडिकल कॉलेज के गेट नंबर-3 पर राजस्थान नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति का धरना रविवार को 30वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान संघर्ष समिति की ओर से मृतक नर्स दीपक के परिवार को 2.51 लाख रुपए की प्राथमिक आर्थिक सहायता प्रदान कर मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया गया।

धरने का नेतृत्व श्रीमती रितेश टेलर, युवराज पूनिया और रामअवतार मीणा ने किया। समिति का आरोप है कि सरकार ने एक माह पहले मृतक के गरीब आश्रित परिवार को सहायता देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक उसे पूरा नहीं किया गया। साथ ही जयपुर सहित प्रदेशभर से हटाए गए संविदा नर्सेज को आवश्यकता और पूर्व वादों के बावजूद सेवा में वापस नहीं लिया गया है।

संघर्ष समिति ने बताया कि मृतक नर्स दीपक की पत्नी ने 7 जुलाई को आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसके बाद उन्हें एसएमएस अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। स्वास्थ्य में सुधार होने पर रविवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डिस्चार्ज होने के बाद वह परिजनों के साथ धरनास्थल पहुंचीं, जहां नर्सेज ने उन्हें 2.51 लाख रुपए की प्राथमिक सहायता राशि सौंपते हुए परिवार को ढांढस बंधाया। समिति ने आश्वासन दिया कि विभिन्न चिकित्सालयों और जिलों से एकत्र हो रही शेष सहायता राशि भी जल्द उपलब्ध कराई जाएगी।

राजस्थान नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति के प्रांतीय संयोजक नरेंद्र सिंह शेखावत, राजेंद्र राणा, चन्द्रकांत शर्मा, पवन मीणा, विनीता शेखावत, जे.पी. कसवा और हरि सिंह भाटी ने कहा कि प्रदेशभर के नर्सेज की ओर से शुरू की गई यह आर्थिक सहायता केवल एक परिवार की मदद नहीं, बल्कि मानवता, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश है।

समिति ने स्पष्ट किया कि जब तक हटाए गए सभी अनुभवी संविदा नर्सेज को पुनः सेवा में नहीं लिया जाता और मृतक नर्स दीपक के गरीब आश्रित परिवार को सरकार की ओर से राहत नहीं मिलती, तब तक आंदोलन और धरना जारी रहेगा।

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