जयपुर। राजधानी जयपुर में परिवहन विभाग की नियमित जांच के दौरान ओवरलोड वाहन के खिलाफ कार्रवाई के बीच राजकार्य में बाधा डालने और प्रवर्तन अधिकारी पर पथराव करने का मामला सामने आया है। यह घटना सोमवार दोपहर करीब 11:30 बजे की है।
जानकारी के अनुसार प्रवर्तन अधिकारी अनिल बस्वाल (परिवहन निरीक्षक) द्वारा जांच के दौरान वाणिज्यिक वाहन संख्या RJ23 GC 1343 को ओवरलोड होने के संदेह पर रोका गया। वाहन चालक ने प्रारंभ में वाहन रोका,लेकिन बाद में उसे मौके से भगाने का प्रयास किया। आगे रास्ता अवरुद्ध होने पर चालक वाहन को लॉक कर फरार हो गया।
घटना की सूचना तुरंत उच्च अधिकारियों एवं पुलिस थाना खोरा बिसल को दी गई। निर्देशानुसार जीपीएस मैकेनिक के साथ मुन्नालाल कुमावत मौके पर पहुंचे और वाहन को सुरक्षित रूप से खोलकर नियंत्रण में लिया गया। इस दौरान वाहन स्वामी से भी पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर संपर्क कर चालक को मौके पर बुलाने के निर्देश दिए गए,लेकिन चालक उपस्थित नहीं हुआ।
इसी बीच एक व्यक्ति स्वयं को वाहन स्वामी बताते हुए मौके पर पहुंचा और कार्रवाई में असहयोग करने लगा। वहीं कुछ महिलाएं पिकअप वाहन में पहुंचकर वाहन को छुड़वाने का प्रयास करने लगीं। प्रवर्तन अधिकारी अनिल बस्वाल ने स्थिति को शांतिपूर्वक संभालते हुए महिलाओं को समझाइश दी कि यह राजकीय कार्यवाही है और ओवरलोड वाहन के खिलाफ नियमानुसार जब्ती आवश्यक है।
समझाइश के बाद महिलाएं शांतिपूर्वक वहां से चली गईं। कार्यवाही के दौरान एक व्यक्ति ने अवांछित व्यवहार करते हुए पत्थर फेंककर प्रवर्तन अधिकारी पर हमला करने का प्रयास किया, जिसे सुरक्षा कर्मियों और पुलिस की मदद से तत्काल नियंत्रित कर लिया गया। बाद में वाहन को पुलिस की सहायता से जब्त कर थाना परिसर में खड़ा कराया गया।
इस संबंध में पुलिस थाना खोरा बिसल में राजकार्य में बाधा उत्पन्न करने एवं हमला करने के प्रयास को लेकर एफआईआर दर्ज कराने हेतु प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया गया है। मामले में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि ओवरलोडिंग और यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।



















