भाजपा मुख्यालय घेरने निकली कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने वाटर कैनन से रोका

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Police stopped Congress workers marching to gherao the BJP headquarters using water cannons.
Police stopped Congress workers marching to gherao the BJP headquarters using water cannons.

जयपुर। नीट-2026 पेपर लीक मामले को लेकर राजस्थान की सियासत गुरुवार को गरमा गई। भाजपा नेताओं की कथित मिलीभगत और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली के विरोध में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा के नेतृत्व में जयपुर में विशाल विरोध प्रदर्शन किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे और एनटीए को भंग करने की मांग को लेकर निकाले गए इस प्रदर्शन में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से शुरू हुए प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, विधायक, पूर्व विधायक, सांसद, संगठन पदाधिकारी और बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता शामिल रहे। सुबह 10 बजे आयोजित सभा को संबोधित करते हुए डोटासरा ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से नीट परीक्षा के पेपर लगातार लीक हो रहे हैं और केंद्र सरकार दोषियों को बचाने में लगी है। उन्होंने कहा कि “22 लाख छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। भाजपा और उसके नेताओं की मिलीभगत से पेपर लीक का खेल चल रहा है। इसलिए धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए और एनटीए को भंग किया जाना चाहिए।”

सभा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए भाजपा प्रदेश मुख्यालय की ओर रवाना हुए। संसार चंद्र रोड होते हुए जुलूस शहीद स्मारक और पुलिस कमिश्नरेट पहुंचा, जहां पहले से भारी पुलिस जाब्ता तैनात था। पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई। कई कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए, जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन चलाकर भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया।

प्रदर्शन के दौरान डोटासरा और टीकाराम जूली को कार्यकर्ताओं ने कंधों पर उठा लिया। कार्यकर्ता “नीट का पेपर कहां मिलेगा, बीजेपी के बाड़े में” और “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” जैसे नारे लगाते रहे। पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास पुलिस कमिश्नरेट के सामने धरने पर बैठ गए, जबकि विधायक मनीष यादव बैरिकेड्स पार करने की कोशिश करते नजर आए। पूर्व विधायक वेद प्रकाश सोलंकी और विधायक मुकेश भाकर को पुलिस ने पीछे धकेला।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राजस्थान में सबसे पहले पेपर लीक का खुलासा होने के बावजूद भाजपा सरकार ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की। टीकाराम जूली ने कहा कि “भाजपा सरकार दोषियों को बचाने में लगी हुई है। लगातार तीन वर्षों से पेपर लीक होना लाखों युवाओं के भविष्य पर हमला है।”

डोटासरा ने मांग की कि मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट की निगरानी में करवाई जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जांच सीबीआई को सौंपकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की कोशिश की है।

प्रदर्शन में महिला कार्यकर्ताओं ने डफली बजाकर और गीत गाकर विरोध जताया। कई युवा मेडिकल स्टूडेंट्स के गेटअप में भी पहुंचे। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि प्रदेशभर से करीब तीन हजार कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में शामिल हुए। पार्टी नेताओं ने इसे विपक्ष में ढाई वर्षों के दौरान कांग्रेस का सबसे बड़ा प्रदर्शन बताया।

वाटर कैनन और हल्के बल प्रयोग में कई कार्यकर्ता चोटिल हो गए। प्रदर्शन के बाद डोटासरा सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचे और घायल कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनके उपचार की व्यवस्था करवाई। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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