जयपुर। ब्रह्माकुमारीज के पीस पैलेस सेवाकेंद्र में आयोजित सप्ताह भर के “श्रीमद् भागवत गीता सार” कार्यक्रम के तीसरे दिन कथावाचक भारती दीदी ने आत्मा और परमात्मा के सत्य स्वरूप पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार शरीर के दर्द को आंखों से नहीं देखा जा सकता, उसी प्रकार आत्मा के गुण—सुख, शांति और प्रेम—को केवल महसूस किया जा सकता है।
उन्होंने गीता के संदर्भ में कहा कि परमात्मा अजन्मा, अकर्ता और अभोगता हैं तथा निराकार शिव ही परमात्मा हैं, जो जीवन के संघर्षों से बाहर निकलने का मार्ग गीता उपदेश के माध्यम से बताते हैं। उन्होंने कहा कि सभी धर्मग्रंथों में परमात्मा की शिक्षाएं लगभग समान हैं, लेकिन अज्ञानता के कारण समाज में संघर्ष और युद्ध की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा, “जो ग्रंथ को सही मायने में पढ़ता है, वह लड़ता नहीं।”
कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से मानसिक शांति और आत्मिक शक्ति प्राप्त करने की विधि भी सिखाई गई। साथ ही प्रतिदिन सुबह 5:30 से 7 बजे तक कृष्णा पैराडाइज मैरिज गार्डन में म्यूजिकल एक्सरसाइज और तनावमुक्त शिविर का आयोजन भी किया जा रहा है।
कार्यक्रम में मिलेट्स विकास निदेशालय भारत सरकार के निदेशक डॉ. लक्ष्मण राम बुल्डक, तकनीकी अधिकारी अजय स्वामी, नेत्र विशेषज्ञ डॉ. सुनील गुप्ता, पूर्व डीआईजी शंकर सिंह, रोटरी क्लब जयपुर से राजेश अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



















