जयपुर। पुरुषोत्तम मास में आने वाली विभुवन संकष्टी चतुर्थी के अवसर पर बुधवार को महिलाओं ने श्रद्धा एवं आस्था के साथ व्रत रखा। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह विशेष व्रत पुरुषोत्तम मास में प्रत्येक तीन वर्ष में एक बार किया जाता है। व्रत रखने वाली महिलाओं ने सुबह संकल्प लेकर उपवास प्रारंभ किया तथा रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित कर व्रत का पारण किया।
इस अवसर पर भगवान गणेश के विभुवन स्वरूप की विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने गणेशजी एवं चौथ माता की आराधना कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति एवं मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की। धार्मिक मान्यता है कि संकष्टी चतुर्थी पर विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के संकट दूर होते हैं और मंगलकारी फल प्राप्त होते हैं।
संकष्टी चतुर्थी के उपलक्ष्य में चांदपोल बाजार स्थित परकोटा गणेश मंदिर में महंत अमित शर्मा के सानिध्य में प्रथम पूज्य भगवान गणेश की आकर्षक जल विहार झांकी सजाई गई। मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया, जिससे श्रद्धालुओं में उत्साह का वातावरण रहा।
झांकी श्रृंगार के तहत सर्वप्रथम भगवान गणेश का कैलाश मानसरोवर से लाए गए पवित्र तीर्थ जल से अभिषेक किया गया। इसके बाद उन्हें सिंदूर का चोला अर्पित कर नवीन एवं आकर्षक पोशाक धारण कराई गई। ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए भगवान को शीतलता प्रदान करने के लिए फव्वारों के माध्यम से जल स्नान भी कराया गया। जल विहार झांकी के दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का मंदिर में तांता लगा रहा।
धार्मिक आयोजनों के बीच भक्तों ने भगवान गणेश से परिवार की खुशहाली एवं कल्याण की कामना की। मंदिर में भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना का क्रम भी चलता रहा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।



















