जयपुर। बनीपार्क स्थित स्नेहिल माता आश्रम जयपुर में रविवार को भगवान परशुराम जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर महामंडलेश्वर डॉ अनीता योगेश्वरी नाथ महाराज ने विधि-विधान से भगवान परशुराम का पूजन-अर्चन किया।
गुरु माता डॉ अनीता योगेश्वरी नाथ महाराज ने अपने उद्बोधन में वर्तमान समय की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के दौर में शास्त्र के साथ शस्त्र का ज्ञान भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आत्मज्ञान के साथ आत्मरक्षा का कौशल भी होना चाहिए और व्यक्ति को हर परिस्थिति में सजग रहना चाहिए। पौराणिक संदर्भ देते हुए उन्होंने बताया कि दुष्ट प्रवृत्ति के लोग यज्ञ जैसे धार्मिक कार्यों में विघ्न डालते रहे हैं, इसलिए सतर्कता जरूरी है—यही भगवान परशुराम का मूल संदेश है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भगवान परशुराम के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर यूथ अध्यक्ष विश्व सनातन धर्म महासभा हेमराज चंदेला , पंडित उपेन्द्र मिश्रा (प्रदेश अध्यक्ष, विश्व सनातन महासंघ), भजन लाल शर्मा, ओमप्रकाश जोशी (संगठन मंत्री, विश्व ब्राह्मण महासंघ) और कपिल रावत (सदस्य, विश्व सनातन धर्म महासभा) सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।



















