जयपुर। सुभाष चौक पानो का दरीबा स्थित श्री शुक सम्प्रदाय आचार्य पीठ श्री सरस निकुंज के पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज के सान्निध्य में गुरुवार को ठाकुर श्री राधा सरस विहारी जू सरकार का अष्टयाम सेवा महोत्सव शुरू हुआ।
महोत्सव की शुरुआत श्री शुक सखी जी के प्राकट्य एवं शयन कुंज से हुई। श्री शुक सखी के प्राकट्य के पारंपरिक पदों का गायन किया गया। शयन कुंज की गुप्त लीला के दर्शन चुनींदा भक्तों को ही कराए गए। श्री सरस परिकर के प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया ने बताया कि ठाकुर जी के कुछ लीला प्रसंग गोपनीय रखे गए हैं।
अष्टयाम सेवा में ऐसे कई प्रसंग है जो केवल ठाकुरजी और आचार्य तक ही सीमित है। ये प्रसंग भक्त और भगवान के अंतरंग मिलन को और अधिक प्रगाढ़ अष्टयाम सेवा महोत्सव में आठ मई को प्रात: मंगला, खिचड़ी भोग और फुलवारी दर्शन, 9 मई को कुंज स्नान, श्रृंगार, चंदन श्रृंगार, चौसर खेल एवं रथ यात्रा के आयोजन होंगे। 10 मई को प्रियाजी और लालजी के प्राकट्य, पालकी दर्शन, राजभोग, अन्नकूट एवं फूल कुंज शयन के कार्यक्रम होंगे।
11 मई को उत्थापन, जलकेली, नौका विहार, बसंत होली और डोल उत्सव आयोजित होंगे, जबकि 12 मई को वन विहार, फूल बंगला, झूला उत्सव, संध्या आरती एवं दीपमालिका होगी। 13 मई अपरा एकादशी को रास महोत्सव, 14 मई को ब्यारु भोग , विवाह महोत्सव मनाया जाएगा। 15 मई को आचार्य जयंती महोत्सव, शयन कुंज के साथ कार्यक्रमों का समापन होगा। इसके बाद 16 मई को अमावस्या पर प्रात: विशेष उत्सव आयोजित किया जाएगा।



















