जयपुर। जयपुर साइबर थाना पुलिस ने करोड़ों रुपए के चर्चित डीजीएफटी-आईसीईगेट स्क्रैम घोटाले में कार्रवाई करते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस हाई-प्रोफाइल ई-फ्रॉड मामले में अब तक कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि गठित विशेष टीम ने इस जटिल साइबर धोखाधड़ी का खुलासा किया। जांच में सामने आया कि आरोपित निर्यातकों के डीजीएफटी खातों की प्रोफाइल में अनधिकृत तरीके से सेंधमारी करते थे। इसके बाद डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) का इस्तेमाल कर नई फर्जी आईसीईगेट आईडी बनाई जाती थी। इन्हीं फर्जी आईडी के जरिए सरकार द्वारा निर्यातकों को दिए जाने वाले ई-स्क्रीप्स और लाइसेंस को म्यूल खातों में ट्रांसफर कर करोड़ों रुपए की हेराफेरी की जाती थी।
साइबर थाना पुलिस ने जांच के दौरान जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें राहुल झा (26) निवासी मधुबनी, बिहार हाल गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश), यशवंत गर्ग (30) निवासी प्रतापनगर हाल चोपासनी हाउसिंग बोर्ड, जोधपुर, नदीम खान (30) निवासी खांदा फालसा, जोधपुर पूर्व तथा सतपाल तुंगरिया (24) निवासी शिव कॉलोनी, सीकर शामिल हैं। इससे पहले पुलिस जोधपुर और पाली निवासी सुल्तान खान, नंद किशोर, निर्मल सोनी, अशोक कुमार भंडारी और प्रमोद खत्री को गिरफ्तार कर चुकी है।
इस मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर (अपराध) अजय सिंह की मॉनिटरिंग तथा डीसीपी (अपराध) संजीव कुमार नैन के निर्देशन में की जा रही है। इस कार्रवाई में अनुसंधान अधिकारी चन्द्र प्रकाश (डीएसपी), एएसआई ओम प्रकाश (साइबर कमांडो), एएसआई सीताराम तथा कांस्टेबल शिव कुमार, धर्मेन्द्र सिंह और प्रदीप कुमार की विशेष भूमिका रही।



















