जयपुर। आस्था और भक्ति के सुप्रसिद्ध केंद्र श्री अमरापुर स्थान में आचार्य श्री सद्गुरु स्वामी टेऊँराम महाराज के पावन ‘चालीहा महोत्सव’ एवं ‘निर्जला एकादशी’ के महापर्व पर भक्ति का अनूठा उल्लास देखने को मिला। इस दोहरे पावन अवसर पर संतों के सान्निध्य में गलता तीर्थ की धार्मिक यात्रा आयोजित की गई। जिसमें करीब 250 से अधिक श्रद्धालुओं ने बसों व निजी वाहनों से पहुँचकर पवित्र कुंड में पुण्य की डुबकी लगाई।
गलता तीर्थ में स्नान के बाद सेवा और दान-पुण्य की मुहिम चलाई गई, जिसके तहत भिक्षुकों, निर्धनों और असहायों को फल एवं शीतल पेय वितरित किए गए। तीर्थ स्थल पर पूज्य स्वामी मोहन प्रकाश महाराज और पंडित जितेन्द्र दाधीच वेदाचार्य सहित अन्य विद्वानों ने एकादशी पर तीर्थ स्नान व दान की महत्ता पर प्रकाश डाला।
निर्जला एकादशी पर तीर्थ स्थल पर स्नान और दान करने से वर्षभर की सभी 24 एकादशियों का फल प्राप्त होता है। पवित्र जल में स्नान करने से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
इस दौरान संतों और भक्तों ने “श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी…”, “मेरे बाबा, खंडू वाले टेऊँराम बाबा तेरा सुमरन करूँ मैं…” और ‘सतनाम साक्षी’ महामंत्र का 108 बार जाप किया, जिससे संपूर्ण वातावरण गुंजायमान हो उठा।



















