जयपुर। नाहरगढ़ जैविक उद्यान में मादा बाघिन ‘भक्ति’ ने 18 अप्रैल की देर रात 2:26 बजे और 2:50 बजे दो स्वस्थ शावकों को जन्म दिया। यह उद्यान के लिए खुशी की खबर है, हालांकि जन्म के बाद विशेष परिस्थितियों के चलते शावकों को चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया है।
उप वन संरक्षक (वन्यजीव) चिड़ियाघर जयपुर विजय पाल सिंह ने बताया कि जन्म के बाद लंबे समय तक बाघिन द्वारा शावकों को दूध नहीं पिलाने पर पशु चिकित्सकीय बोर्ड के निर्णय के अनुसार दोनों शावकों को मां से अलग किया गया। इसके बाद उन्हें तुरंत उद्यान के पशु चिकित्सालय में संचालित नियोनेटल केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया।
शावकों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद पशु चिकित्सा दल द्वारा उनकी देखभाल शुरू की गई। उपनिदेशक डॉ. अरविंद कुमार माथुर स्वयं शावकों की फीडिंग और स्वास्थ्य की सतत निगरानी कर रहे हैं।
उद्यान प्रशासन ने शावकों की देखभाल के लिए तीन कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी लगाई है, जो आठ-आठ घंटे की पारी में उनकी निगरानी और देखरेख सुनिश्चित कर रहे हैं। फिलहाल दोनों शावक चिकित्सकों की निगरानी में हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।




















