सीवर लाइन में जहरीली गैस की चपेट में आए मृतक के परिजनों ने दिया धरना

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जयपुर। झोटवाड़ा थाना इलाके में शुक्रवार को बिना सुरक्षा उपकरणों के सीवर टैंक में उतरे दो सफाईकर्मियों की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई थी। जिसके बाद मृतक के परिजनों ने संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ के बैनर तले शनिवार को विरोध -प्रदर्शन किया। जिसके बाद प्रशासन और सफाईकर्मी संगठनों के बीच मृतकों के परिवारों को मुआवजा, नौकरी और डेयरी बूथ देने पर सहमति बन गई।

गौरतलब है कि शुक्रवार को सीवर मैनहोल की सफाई के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में दो सफाईकर्मियों अजय और रामबाबू की मौत के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। इस घटना से नाराज सफाईकर्मियों ने काम बंद कर दिया। जिसके बाद शहर की सफाई व्यवस्था काफी प्रभावित हो गई। संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ, जयपुर शहर वाल्मीकि पंच कमेटी और नगर निगम प्रशासन के बीच लंबी बातचीत के बाद समाधान निकल आया है।

इस समझौते में मृतकों के परिवारों को 55 लाख 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया गया। यह राशि अजय की माता छोटी देवी और रामबाबू की पत्नी पूनम देवी को दी जाएगी। इस मुआवजे में विभिन्न विभागों का योगदान रहेगा। जिसमें स्वायत्त शासन विभाग 30 लाख रुपए, नगर निगम जयपुर 10 लाख रुपए , ठेकेदार 10 लाख रुपए , मुख्यमंत्री सहायता कोष 5 लाख और विधायक गोपाल शर्मा द्वारा 25 हजार रुपये दिए जाएंगे। समझौते के दिन ही दोनों परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की पहली किश्त दे दी गई।

इसके बाद 18 अप्रैल को 5 लाख रुपये और आने वाले सोमवार को नगर निगम की ओर से 10-10 लाख रुपये दिए जाएंगे। बाकी राशि भी जल्द ही जारी करने का आश्वासन दिया गया है। प्रशासन ने मृतकों के एक-एक आश्रित को संविदा पर नौकरी देने के साथ ही दोनों परिवारों को आजीविका के लिए एक-एक डेयरी बूथ भी दिया जाएगा। प्रशासन के सकारात्मक रुख के बाद यूनियन ने संतोष जताते हुए हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया।

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