पाठ्यपुस्तकें हटाने पर सियासी घमासान: डोटासरा ने सरकार को घेरा

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Political Uproar Over Removal of Textbooks: Dotasra Corners the Government
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जयपुर। राज्य सरकार द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 9 से 12 तक की चार पुस्तकों को पाठ्यक्रम से हटाने के निर्णय पर सियासी विवाद गहरा गया है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस फैसले को इतिहास पर सीधा हमला बताते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

डोटासरा ने कहा कि कक्षा 9 की ‘राजस्थान का स्वतंत्रता आंदोलन एवं शौर्य परंपरा’, कक्षा 10 की ‘राजस्थान का इतिहास एवं संस्कृति’, कक्षा 11 की ‘आजादी के बाद का स्वर्णिम भारत’ तथा कक्षा 12 की ‘आजादी के बाद का स्वर्णिम भारत भाग-2’ को हटाकर नई पीढ़ी को अधूरा इतिहास पढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन पुस्तकों में स्वतंत्रता संग्राम, देश निर्माण और विभिन्न नेताओं के योगदान का उल्लेख है, जिसे हटाना इतिहास को मिटाने जैसा है। डोटासरा ने कहा कि यदि पुस्तकों में कोई त्रुटि थी तो उसमें संशोधन किया जा सकता था, लेकिन उन्हें पूरी तरह हटाना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने यह भी कहा कि इन पुस्तकों में महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और डॉ. मनमोहन सिंह सहित कई नेताओं के योगदान, साथ ही लोकतांत्रिक संस्थाओं, शिक्षा, विज्ञान एवं तकनीकी विकास से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों का वर्णन है।
डोटासरा ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि इससे पहले भी आदिवासी वीरों और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों से जुड़े विषयों को पाठ्यक्रम से हटाया गया था और अब स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आजादी के बाद के भारत के स्वर्णिम दौर को भी हटाया जा रहा है।

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